भारतीय प्रबंध संस्थान बेंगलूर
(INDIAN INSTITUTE OF MANAGEMENT BANGALORE)
निःशक्तता सहित छात्रों संबंधी नीति विवरण
(POLICY STATEMENT REGARDING STUDENTS WITH DISABILITIES)
भारतीय प्रबंध संस्थान बेंगलूर (भाप्रसंबें) सभी बाधाओं को हटाने की कोशिश करता है, जो निःशक्त छात्रों को उनकी संभाव्यता का अनुभव करने से वंचित करते हैं । इस नीति का उद्देश्य सभी छात्रों को “समान अवसर” उपलब्ध कराना है ।
निःशक्तता सहित छात्रों द्वारा झेली जा रहीं सभी बाधाओं को एक समयबद्ध कार्यक्रम में हटाने के लिए भारतीय प्रबंध संस्थान बेंगलूर वचनबद्ध है । इस पहल में सम्मिलित है, किन्तु यह यहाँ तक सीमित नहीं है :
- छात्रों द्वारा प्रयुक्त परिसर के सभी हिस्सों में शारीरिक पहुँच;
- जहाँ भी आवश्यक है उचित प्रौद्योगिकी के प्रयोग से शिक्षण एवं संदर्भ सामग्री तक पहुँच;
- डब्लूसीएजी एवं अन्य संबद्ध मानकों के अंगीकार द्वारा ई-संसाधनों तक पहुँच ।
भाप्रसंबें निःशक्तता सहित नामित प्रत्येक छात्र की आवश्यकताओं का मूल्यांकन करेगा और उस छात्र को श्रेष्ठ संभव शैक्षणिक अनुभव उपलब्ध कराने के लिए क्या करना आवश्यक है उसका पता लगाएगा । निःशक्तता सेवा कार्यालय इस प्रकार के मूल्यांकन की व्यवस्था करेगा और यह छात्र की आवश्यकताओं को भाप्रसंबें के प्रत्येक संबद्ध कार्यालय/ विभाग/व्यक्ति को संसूचित करने और उचित प्रकार से उन्हें पूरा करने हेतु आश्वस्त करने का केंद्र बिन्दु होगा ।
भारतीय प्रबंध संस्थान बेंगलूर निःशक्तता सहित छात्रों के लिए रोजगार अवसरों की पहचान के लिए सकारात्मक कदम उठाएगा और भर्तीकर्ता संगठनों को समान अवसर रोजगार नीतियों को अपनाने एवं अमल करने के लिए प्रभावित करने का प्रयास करेगा ।
भाप्रसंबें निःशक्तता सहित छात्रों के विरुद्ध भेदभाव को रोकने का प्रयास करेगा । भाप्रसंबें सामयिक कार्यशालाओं और अभियानों के माध्यम से निःशक्तता सहित छात्रों की आवश्यकताओं और चुनौतियों से सभी संबद्ध पणधारियों को सुग्राही बनाएगा । निःशक्तता सहित छात्रों के विरुद्ध किसी प्रकार के भेदभाव या असंवेदनशील व्यवहार को गंभीरता से लिया जाएगा एवं संबंधित संकाय सदस्य, कर्मचारी या छात्र के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की जा सकती है ।
हालाँकि भाप्रसंबें निःशक्तता अधिनियम एवं अन्य कानूनी प्रावधानों का पालन करेगा, इस नीति का उद्देश्य निःशक्तता सहित छात्रों को कानूनी आवश्यकताओं से परे वास्तविक समर्थित पर्यावरण उपलब्ध कराना है । इस उद्देश्य के पहले कदम के रूप में भाप्रसंबें ने संस्थान स्तर पर “निःशक्तता समिति” गठित की है जोकि नायकत्व एवं संकेंद्रण उपलब्ध कराएगी । भविष्य में भाप्रसंबें उद्योग निकायों एवं इस क्षेत्र में कार्यरत् विख्यात् गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओज़) के साथ साझेदारी करेगा ।
15 जुलाई, 2009 को भाप्रसंबें के संकायों द्वारा इसे अपनाया गया ।

